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पाकिस्तानी आतंकियों के तीन मददगार, 'मोबाइल टावर, ट्रक और पंक्चर मैकेनिक'

पाकिस्तान, जब भारतीय सीमा में आतंकियों की घुसपैठ कराता है तो उस दौरान नियंत्रण रेखा पर फायरिंग करने लगता है। कभी यह फायरिंग घुसपैठ से एक दो दिन पहले भी हो जाती है। इसके बाद जब आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेल दिया जाता है तो वहां उन्हें तीन मददगार मिलते हैं। ये तीनों उन्हें तय टारगेट तक पहुंचने में मदद करते हैं। इनमें 'मोबाइल टावर, ट्रक और पंक्चर मैकेनिक' शामिल हैं। यही तीनों अब भारतीय सुरक्षा बलों की चुनौती बन गए हैं। पाकिस्तान ने कई हाई रेंज मोबाइल टावर नियंत्रण रेखा के अपने हिस्से में लगा रखे हैं। 

इन टावर की मदद से पाकिस्तानी आईएसआई और आतंकी संगठन, भारतीय सीमा में धकेले गए आतंकियों से संपर्क स्थापित करते हैं। आतंकियों के पास पाकिस्तान का ही सिमकार्ड रहता है तो इस कारण वे आसानी से बातचीत कर लेते हैं। कई बार मैसेंजर सिस्टम पर भी संदेशों का आदान-प्रदान होता है। मददगारों में दूसरा नंबर ट्रक चालकों का है। वे इन आतंकियों को इनके ठिकाने तक ले जाते हैं। तीसरा, सड़क किनारे बैठे पंक्चर लगाने वाले मैकेनिक या छोटा ढाबा चलाने वाले लोग हैं। ये आतंकियों को भारतीय सुरक्षा बलों की मूवमेंट बताते हैं। 

News source ~ Amar Ujala