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सरकारी मदरसे, संस्कृत केंद्र बंद करने के फ़ैसले पर सवाल

जोरहाट ज़िले के मेलामाटी स्थित मदरसा-ए-इस्लामिया में उर्दू-अरबी पढ़ाने वाले मौलाना रफ़ीक़ बड़ी मायूसी के साथ ये बातें कहते हैं. दरअसल असम सरकार ने राज्य-संचालित सभी मदरसों और संस्कृत टोल्स या संस्कृत केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिया है.

असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा, "सरकार द्वारा संचालित या फंडेड मदरसों और टोल्स को अगले पांच महीनों के भीतर नियमित स्कूलों के रूप में पुनर्गठन किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि एक धर्मनिरपेक्ष सरकार का काम धार्मिक शिक्षा प्रदान करना नहीं है. हम धार्मिक शिक्षा के लिए सरकारी फंड ख़र्च नहीं कर सकते. इसके लिए नवंबर में एक अधिसूचना जारी की जाएगी."

News source ~ BBC