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434 दिन बाद रिहा हुईं महबूबा, क्या है चीन की लद्दाख पर रणनीति, सुनें 'आज का दिन'

434 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद महबूबा मुफ़्ती अब रिहा हो चुकी हैं. वो पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष हैं और धारा 370 हटाए जाने से पहले जो राज्यपाल शासन लगा था उसके पहले जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री थीं. अब जब वो बाहर निकली हैं तो एक बयान जारी किया है उन्होंने. इस बयान में शायद आनेवाले दिनों में उनकी सियासत कैसी होगी इसका इशारा है. इस वीडियो में उन्होंने अपना चेहरा नहीं दिखाया है. वीडियो पूरा ब्लैक है. अब ऐसा करके वो कोई संकेत दे रही हैं या फिर शायद लोगों के सामने आने से पहले कोई सस्पेंस बना रही हैं ये तो नहीं मालूम लेकिन कुछ सवाल हैं जिनके जवाब सब चाहते हैं. जैसे सरकार ने अब उन्हें रिहा करने का फैसला क्यों लिया.

अब्दुल्ला परिवार के बाद अब मुफ़्ती भी बाहर हैं तो घाटी की राजनीति पर इसका असर क्या होगा.. क्या सूबे में कोई नई राजनीतिक गोलबंदी देखने को मिलेगी क्योंकि अगर आपको याद हो तो राष्ट्रपति शासन लगने से पहले पीडीपी और नेशनल कॉन्फ़्रेंस साथ आ गई थीं. इन्हीं सवालों के जवाब दे रहे हैं श्रीनगर से आजतक संवाददाता अशरफ़ वानी.कांग्रेस अपने रिवाइवल को लेकर पूरे देश में लड़ रही है. बिहार भी उसका अपवाद नहीं. चुनाव भी सिर पर हैं. ऐसे में पार्टी के पास मौक़ा है कि वो जिताऊ उम्मीदवारों के सहारे राज्य की राजनीति में प्रासंगिक हो जाए मगर ये उतना आसान भी नहीं है.

News source ~ AajTak