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RTI एक्टिविस्ट का पीएम केयर्स फंड के डोमेन पर सवाल, पूछा- सरकारी नाम कैसे मिला

कोरोना संकट से निपटने के लिए बनाए गए पीएम केयर्स फंड को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. अब नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की तरफ से दिए गए एक आरटीआई के जवाब को लेकर पीएम केयर्स फंड की कानूनी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं. सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत एनआईसी से मिले जवाब के मुताबिक Pmcares.gov.in डोमेन का स्वामित्व प्रधानमंत्री कार्यालय के पास है. असल में, आरटीआई कार्यकर्ता और रिटायर्ड नौसेना अधिकारी कमोडोर लोकेश बत्रा ने एनआईसी में अर्जी दायर की थी. 

इसमें पूछा गया था कि PMCARES फंड के लिए आधिकारिक वेबसाइट कोडोमेन नाम कैसे दिया गया?नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर की तरफ से मिले जवाब में बताया गया है कि नाम का डोमेन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंटरनेट गवर्नेंस डिवीजन की तरफ से प्रधानमंत्री कार्यालय को दिया गया है.सरकार के मुताबिक पीएम केयर्स फंड सार्वजनिक दान के लिए है. इसका उपयोग कोविड संक्रमितों के इलाज, राहत प्रयासों, चिकित्सा देखभाल और अनुसंधान के मकसद से किया जाएगा. पीएम केयर्स फंड में कॉरपोरेट, सरकारी कंपनियां, सरकारी कर्मचारी, 

News source ~ AajTak