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17 साल से हक के लिए भटक रहीं शहीद की मां, बेटे का शौर्य चक्र लौटाने का फैसला

जहां पूरे देश में शहीद हुए जवानों को कई तरह के की तमाम सुविधाएं सरकार देने की बात करती है, वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले शौर्य चक्र विजेता शहीद विवेक सक्सेना का परिवार देश के हुक्मरानों से सपूत की शहादत के बदले मिलने वाले सम्मान के लिए 17 साल बाद भी अधिकारियों और सरकारी विभागों के चक्कर काट रहा है. सरकारी सुस्ती से खफा शहीद की मां ने कहा कि हम बेटे का शौर्य चक्र लौटाना चाहते हैं.मणिपुर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद विवेक सक्सेना की शहादत को राजनेता के साथ सरकारी हुक्मरान भी भूल चुके हैं. सरकार और प्रशासन द्वारा की गई सरकारी घोषणाएं भी 17 साल बाद खोखली साबित हो रही हैं.1999 में IB में शामिल हुएराजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र जन्मे शहीद विवेक सक्सेना केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई में उत्तीर्ण होकर सेना की सेवा में चयनित हुए. शहीद विवेक के पिता रामस्वरूप सक्सेना इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइट लेफ्टिनेंट पद पर रहकर देश के लिए 1965 और 1971 में देश के लिए बड़ी लड़ाई लड़ी थी.उनके बाद विवेक सक्सेना ने अपनी पढ़ाई पूर्ण करके सेना का दामन थामा और 4 जनवरी सन 1999 खुफिया विभाग इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को ज्वाइन किया.

News source ~ AajTak